बख़ूर (ऊद)
परंपरा: अरबी-फ़ारसी · प्रमाण: ऐतिहासिक रूप से दर्ज · तरीका: धूप और राल
उद्देश्य: शांति और सामंजस्य, घर और कार्यस्थल
पृष्ठभूमि
अरबी परंपरा; भारत में अगर। जंगली अगरवुड CITES सूची में है।
सामग्री
- ऊद/अगर के टुकड़े
- कोयला
विधि (क़दम-दर-क़दम)
- आग न पकड़ने वाली प्लेट या धूपदान लें।
- कोयला या कंडा सुलगाएँ, या बिजली वाला बर्नर लें।
- थोड़ी राल या धूप डालें।
- घर में पूजा-स्थान से शुरू करके हर कमरे में घुमाएँ।
- खिड़की खुली रखें; जलती चीज़ को अकेला न छोड़ें।
कहाँ / कब: मेहमान आने पर, शाम को
विकल्प: चंदन
⚠ सावधानी: धुआँ घर के अंदर बारीक कण बढ़ाता है: हवा आने दें। शिशु, पालतू पक्षी और दमा वाले लोगों के पास नहीं। अनजाने या ज़हरीले पौधे (कनेर, धतूरा, तंबाकू) कभी न जलाएँ।
मिलते-जुलते उपाय
पारंपरिक या प्रतीकात्मक प्रथा; कोई परिणाम गारंटीड नहीं। यह चिकित्सा, क़ानूनी या आर्थिक सलाह का विकल्प नहीं। कोई मिश्रण खाना-पीना नहीं; बच्चों और पालतू जानवरों से दूर रखें।
The Mystic Prragati