खस · Vetiver / Khus
वानस्पतिक नाम: Chrysopogon zizanioides (Poaceae)
हिंदी/संस्कृत: खस, उशीर
प्रयुक्त भाग: जड़
परंपरा और प्रतीक: ठंडक के लिए खस की टट्टी और इत्र; चरक संहिता (सू. 4) में दाह-प्रशमन गण में; हर्स्टन (1931) के अनुसार वैन-वैन इसी से बनता था
ग्रह: —
किन उपायों में: ध्यान, शांति
⚠ सावधानी: सुरक्षित
ग्रह सिर्फ़ वहाँ दिया है जहाँ किसी स्रोत में मिला: भारतीय (अग्नि पुराण 164) या यूरोपीय (Culpeper)। दोनों पद्धतियाँ अलग हैं।
पारंपरिक या प्रतीकात्मक प्रथा; कोई परिणाम गारंटीड नहीं। यह चिकित्सा, क़ानूनी या आर्थिक सलाह का विकल्प नहीं। कोई मिश्रण खाना-पीना नहीं; बच्चों और पालतू जानवरों से दूर रखें।
The Mystic Prragati