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श्री राम शलाका प्रश्नावली

गोस्वामी तुलसीदास जी के रामचरितमानस की 9 चौपाइयों पर आधारित पारंपरिक प्रश्नावली। यह श्रद्धा की परंपरा है।

🏹 राम शलाका से प्रश्न पूछें

राम शलाका कैसे देखें

  1. शांत होकर "ॐ श्री रामाय नमः" का स्मरण करें।
  2. अपना प्रश्न मन में एक साफ़ वाक्य में रखें (हाँ/ना के बजाय "क्या करना उचित रहेगा" जैसा)।
  3. आँखें बंद करके या मन से किसी एक खाने को छुएँ।
  4. उस अक्षर से हर 9वें अक्षर को जोड़ने पर एक चौपाई बनती है। साइट वही मार्ग दिखाकर चौपाई खोलेगी।

राम शलाका की 9 चौपाइयाँ और उनके संकेत

चौपाईसंकेत
सुनु सिय सत्य असीस हमारी। पूजिहि मन कामना तुम्हारी॥अनुकूल: सीता जी के गौरी-पूजन का प्रसंग: माँ गौरी का आशीर्वाद, मन की कामना पूरी होने का। परंपरा में यह शुभ संकेत माना जाता है।
प्रबिसि नगर कीजे सब काजा। हृदयँ राखि कोसलपुर राजा॥अनुकूल: हनुमान जी के लंका-प्रवेश का प्रसंग: प्रभु का स्मरण रखकर काम शुरू करने की सीख। शुरुआत के लिए शुभ संकेत।
उघरहिं अंत न होइ निबाहू। कालनेमि जिमि रावन राहू॥सावधानी: सत्संग-वर्णन का प्रसंग: दिखावे और छल से सावधान रहने का संकेत। निर्णय से पहले फिर से जाँच लें और जल्दबाज़ी न करें।
बिधि बस सुजन कुसंगत परहीं। फनि मनि सम निज गुन अनुसरहीं॥सावधानी: सत्संग-वर्णन का प्रसंग: संगति का असर। ग़लत साथ से दूरी रखें; परिणाम अनिश्चित माना जाता है, इसलिए सोच-समझकर चलें।
होइहि सोई जो राम रचि राखा। को करि तर्क बढ़ावै साखा॥धैर्य: शिव-पार्वती संवाद का प्रसंग: जो होना है वह होगा। अपना प्रयास करें और नतीजे को भरोसे पर छोड़ने की सीख।
मुद मंगलमय संत समाजू। जो जग जंगम तीरथराजू॥अनुकूल: संत-समाज को तीर्थराज जैसा मंगलमय बताने का प्रसंग। परंपरा में प्रश्न को शुभ माना जाता है।
गरल सुधा रिपु करहिं मिताई। गोपद सिंधु अनल सितलाई॥अनुकूल: हनुमान जी के लंका-प्रवेश का प्रसंग: कठिनाई सहज हो जाने का भाव। परंपरा में बहुत शुभ संकेत।
बरुन कुबेर सुरेस समीरा। रन सन्मुख धरि काहुँ न धीरा॥संदेह: मंदोदरी के विलाप का प्रसंग: बड़े बल वाले भी रण में टिक न सके। कार्य की पूर्णता में संदेह का संकेत; अपनी तैयारी और योजना दोबारा देखें।
सुफल मनोरथ होहुँ तुम्हारे। रामु लखनु सुनि भए सुखारे॥अनुकूल: पुष्पवाटिका में विश्वामित्र जी के आशीर्वाद का प्रसंग: इच्छा पूरी होने की ओर शुभ संकेत।

यह पारंपरिक व्याख्या है। चौपाई के अर्थ पर शांत मन से विचार करें और निर्णय अपने विवेक और विशेषज्ञ की सलाह से लें। एक ही प्रश्न पर बार-बार न देखें। स्वास्थ्य, क़ानून और निवेश जैसे फ़ैसले इससे न करें।

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यह जानकारी भारतीय परंपरा और शास्त्रीय नियमों पर आधारित सामान्य मार्गदर्शन है, कोई गारंटी नहीं। हमारे बारे में · गोपनीयता