The Mystic PrragatiThe Mystic Prragati

संस्कृत सुविचार अर्थ सहित

उपनिषद, गीता, महाभारत और नीति ग्रंथों की प्रसिद्ध संस्कृत सूक्तियाँ, हिंदी अर्थ और स्रोत के साथ।

📤 आज का सुविचार पोस्टर

सत्यमेव जयते

सत्य की ही जीत होती है।

— मुण्डकोपनिषद्

वसुधैव कुटुम्बकम्

पूरी धरती ही एक परिवार है।

— महोपनिषद्

उद्यमेन हि सिध्यन्ति कार्याणि न मनोरथैः

काम मेहनत से पूरे होते हैं, सिर्फ़ इच्छा करने से नहीं।

— हितोपदेश

विद्या ददाति विनयं विनयाद् याति पात्रताम्

विद्या विनम्रता देती है और विनम्रता से योग्यता आती है।

— हितोपदेश

सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः

सब सुखी हों, सब निरोग हों।

— शांति मंत्र

अहिंसा परमो धर्मः

अहिंसा सबसे बड़ा धर्म है।

— महाभारत

आचारः परमो धर्मः

अच्छा आचरण ही सबसे बड़ा धर्म है।

— मनुस्मृति

मातृदेवो भव। पितृदेवो भव। आचार्यदेवो भव।

माता, पिता और गुरु को देवता के समान मानो।

— तैत्तिरीय उपनिषद्

अतिथिदेवो भव

घर आए अतिथि को देवता के समान मानो।

— तैत्तिरीय उपनिषद्

तमसो मा ज्योतिर्गमय

हमें अंधकार से प्रकाश की ओर ले चलो।

— बृहदारण्यक उपनिषद्

शरीरमाद्यं खलु धर्मसाधनम्

शरीर ही धर्म का पहला साधन है; सेहत का ध्यान रखें।

— कुमारसंभव

योगः कर्मसु कौशलम्

कर्म में कुशलता ही योग है।

— भगवद्गीता 2.50

कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन

तुम्हारा अधिकार कर्म पर है, उसके फल पर नहीं।

— भगवद्गीता 2.47

धर्मो रक्षति रक्षितः

जो धर्म की रक्षा करता है, धर्म उसकी रक्षा करता है।

— मनुस्मृति

श्रद्धावान् लभते ज्ञानम्

श्रद्धा रखने वाला ही ज्ञान पाता है।

— भगवद्गीता 4.39

उत्तिष्ठत जाग्रत प्राप्य वरान्निबोधत

उठो, जागो और श्रेष्ठ लोगों के पास जाकर ज्ञान पाओ।

— कठोपनिषद्

न हि ज्ञानेन सदृशं पवित्रमिह विद्यते

इस संसार में ज्ञान के समान पवित्र कुछ भी नहीं।

— भगवद्गीता 4.38

सत्यं वद। धर्मं चर।

सच बोलो, धर्म के रास्ते पर चलो।

— तैत्तिरीय उपनिषद्

क्षमा वीरस्य भूषणम्

क्षमा वीर का गहना है।

— संस्कृत सूक्ति

परोपकाराय सतां विभूतयः

सज्जनों की संपत्ति दूसरों की भलाई के लिए होती है।

— संस्कृत सूक्ति

सन्तोषं परमं सुखम्

संतोष ही सबसे बड़ा सुख है।

— संस्कृत सूक्ति

विद्याधनं सर्वधनप्रधानम्

विद्या का धन सब धनों में श्रेष्ठ है।

— संस्कृत सूक्ति

कबीर, रहीम, तुलसीदास के दोहे · भगवद्गीता के श्लोक

और देखें

Read in English

यह जानकारी भारतीय परंपरा और शास्त्रीय नियमों पर आधारित सामान्य मार्गदर्शन है, कोई गारंटी नहीं। हमारे बारे में · गोपनीयता