The Mystic PrragatiThe Mystic Prragati

रहीम के दोहे अर्थ सहित

रहीम के 10 प्रसिद्ध दोहे, आसान हिंदी अर्थ के साथ।

🙏 आज का दोहा और सुविचार

रहिमन धागा प्रेम का, मत तोड़ो चटकाय। टूटे से फिर ना मिले, मिले गाँठ परि जाय॥

अर्थ: प्रेम का धागा झटके से न तोड़ें; टूटने के बाद जुड़ता नहीं, और जुड़ भी जाए तो बीच में गाँठ रह जाती है।

रहिमन देखि बड़ेन को, लघु न दीजिए डारि। जहाँ काम आवे सुई, कहा करे तरवारि॥

अर्थ: बड़ी चीज़ देखकर छोटी को फेंक न दें; जहाँ सुई का काम है, वहाँ तलवार किसी काम की नहीं।

तरुवर फल नहिं खात है, सरवर पियहिं न पान। कहि रहीम पर काज हित, संपति सँचहिं सुजान॥

अर्थ: पेड़ अपने फल नहीं खाते, तालाब अपना पानी नहीं पीते; सज्जन लोग दूसरों की भलाई के लिए धन जोड़ते हैं।

रहिमन निज मन की बिथा, मन ही राखो गोय। सुनि अठिलैहैं लोग सब, बाँटि न लैहैं कोय॥

अर्थ: अपने मन का दुख हर किसी से न कहें; लोग सुनकर मज़ाक़ बना सकते हैं, पर दुख कोई नहीं बाँटता। भरोसेमंद से ही कहें।

जो रहीम उत्तम प्रकृति, का करि सकत कुसंग। चंदन विष व्यापत नहीं, लपटे रहत भुजंग॥

अर्थ: अच्छे स्वभाव वाले पर बुरी संगत असर नहीं करती, जैसे चंदन के पेड़ पर साँप लिपटे रहें, फिर भी चंदन में विष नहीं आता।

रहिमन पानी राखिए, बिन पानी सब सून। पानी गए न ऊबरै, मोती, मानुष, चून॥

अर्थ: 'पानी' यानी चमक, इज़्ज़त और जल को बचाए रखें; इसके बिना मोती, मनुष्य और आटा तीनों बेकार हैं।

बिगरी बात बनै नहीं, लाख करौ किन कोय। रहिमन फाटे दूध को, मथे न माखन होय॥

अर्थ: एक बार बात बिगड़ जाए तो लाख कोशिश से भी नहीं बनती, जैसे फटे दूध को मथने से मक्खन नहीं निकलता; इसलिए सोच-समझकर बोलें।

एकै साधे सब सधै, सब साधे सब जाय। रहिमन मूलहिं सींचिबो, फूलै फलै अघाय॥

अर्थ: एक लक्ष्य पर ध्यान दें तो सब सध जाता है, सब पर एक साथ ध्यान दें तो कुछ नहीं; जड़ को सींचने से ही पेड़ फूलता-फलता है।

रहिमन विपदा हू भली, जो थोरे दिन होय। हित अनहित या जगत में, जानि परत सब कोय॥

अर्थ: थोड़े दिन की मुसीबत भी अच्छी है, क्योंकि उसी में पता चलता है कि कौन सच्चा हितैषी है और कौन नहीं।

छमा बड़न को चाहिए, छोटन को उतपात। कह रहीम हरि का घट्यो, जो भृगु मारी लात॥

अर्थ: बड़ों का गुण क्षमा है; भृगु ऋषि ने विष्णु जी को लात मारी, फिर भी उन्होंने क्षमा किया और उनका कुछ नहीं घटा।

कबीर के दोहेरहीम के दोहेतुलसीदास के दोहेसंस्कृत सुविचार

और देखें

Read in English

यह जानकारी भारतीय परंपरा और शास्त्रीय नियमों पर आधारित सामान्य मार्गदर्शन है, कोई गारंटी नहीं। हमारे बारे में · गोपनीयता